कोई बात अभी बाकी है......।
Saturday, 2 October 2021
मन-का
कुछ इस अदा से ढल गया सूरज,
नज़र में हमेशा के लिए उतर गया सूरज...
तुम भूल जाने की बात करते हो !
यहाँ ज़र्रे ज़र्रे में बिखर गया सूरज !
-------- दिवाकर// 14/07/21
Questions to Blue and Dark
Questions to Blue and Dark
On the table of sky
A cup of Sun
Is being pulled from
One corner to other....
How is The only cup
Is enough for
The invisible...
How the only cup is being sipped out fully...
And again
Put back full
Next morning again
On the table...
In night
The remaining golden
slips down slowly slowly...
Who is that moving with the rememberence of,
Whom...who has already left...
Left for the next morning...
" Diwakar" //03/08/2021
मन-का
मन-का
उन कागजों पे मेरा नाम लिख देना
जिन कागजों का कोई काम ना हो
जहाँ सन्नाटा मिले वहीं फैंक देना
कि कुछ आहट ही हो
यूँ चुपचाप जाऊँ-
मुझपे यह ईल्जाम ना हो।
...................... दिवाकर। ०८/०१/१७
मन-का
मन-का
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इन वादियों मे क्या रखा था
जो तू मुझको नही मिलता
और भला क्या देखती नजरे
जो तेरा रूप नही खिलता
----------------------- दिवाकर// 19/09/2017
........."प्रस्थान"............................
ओ....मेरे कान्हा😘🥰
ओ....मेरे कान्हा😘🥰
तुम आ गये मेरी जिंदगी में जाने कुछ ऐसे
धूप वाले रास्ते में छाँह के जैसे
जब जल रहा था देह गागर
सब सुख चुके थे नेह सागर
तुम उमड़ आये नीर भर घनश्याम के जैसे
जब था अंधेरा खूब
सूरज भी गया था डूब
तुम आसमान में छा गये आ चाँद के जैसे
जब ज़र्द थीं राहें
जब सर्द थीं आहें
तूमने ही आवाज दी मुझे खोलकर बाहें 💕
(दिवाकर)31/08/2021
कभी-कभी
कभी-कभी
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कभी-कभी वह भी अपना आईना साफ करता होगा,
वह कि जो सबको माफ करने वाला है ,
वह किससे मांगता होगा माफी!
वह यूँ ही खुद को माफ करता होगा....
देखने के लिए खुद को साफ साफ -
कभी-कभी वह भी अपना आईना साफ करता होगा।
......( दिवाकर ) 22/09/19
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