Saturday, 2 October 2021

मन-का

मन-का
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इन वादियों मे क्या रखा था 
जो तू मुझको नही मिलता
और भला क्या देखती नजरे 
जो तेरा रूप नही खिलता
              ----------------------- दिवाकर// 19/09/2017
........."प्रस्थान"............................

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