ओ....मेरे कान्हा😘🥰
तुम आ गये मेरी जिंदगी में जाने कुछ ऐसे
धूप वाले रास्ते में छाँह के जैसे
जब जल रहा था देह गागर
सब सुख चुके थे नेह सागर
तुम उमड़ आये नीर भर घनश्याम के जैसे
जब था अंधेरा खूब
सूरज भी गया था डूब
तुम आसमान में छा गये आ चाँद के जैसे
जब ज़र्द थीं राहें
जब सर्द थीं आहें
तूमने ही आवाज दी मुझे खोलकर बाहें 💕
(दिवाकर)31/08/2021
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