क्या कहा?
"पाकिस्तान जिन्दाबाद"!
तो "भारत" में क्या कर रहे हो जनाब!
पाकिस्तान चले जाओ न।
जो लोग भ्रमित होते हैं
"आतंकवाद" पर,
वे भ्रम पालते भी हैं,
सिंचते भी हैं,
फैलाते भी हैं ।
वे कहते तो हैं-
"आतंकवाद का धर्म नहीं होता",
परंतु वे ही धर्म के भ्रम में
फंसे होते हैं,
फंसाए गये होते हैं
और वे ही होते हैं-
फंसाने वाले भी।
अगर आप भी भ्रमित हैं-
तो कमसे कम दूर रहिए हमसे,
क्योंकि हमारा तो बस एक ही धर्म है-
"भारत"।
आपका धर्म कोई और है तो-
जरूर धर्मांतरित हो जाइए,
वरना आगे न कहिएगा कि-
मौका नहीं मिला।
अब और देर नहीं करो!
उठो, जागो
और जगाओ "भारत"।
--------------------------------दिवाकर ।//16/07/2016
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