कल 'उन्होंने'
'इन्हें' गाली दी,
आज ये 'देवी' हो गयी हैं ।
आज 'इनके भक्त'
'उनको' गालियाँ दे रहे हैं,
शायद आज 'वे'
'इनके भगवान' हो गये हैं ।
--- या, बदल गये हैं !
भक्त, भगवान और शैतान के मायने,
मान, सम्मान और अपमान के मायने।
जो कल तक था-
चरित्र का दर्पण,
आज चमकते तलवारों के
म्यान हो गये हैं ।
---------------------- दिवाकर । // 22/07/2016
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