Wednesday, 27 July 2016

नन्हा सा ललना

सुन्दर-सलोने मुखड़े पर
       नन्ही-नन्ही अँखियाँ,
नन्ही-नन्ही अँखियों से
        टुकूर-टुकूर ताकना।

छोटे-छोटे हाथों में
      नन्ही-नन्ही उंगलियां,
उंगलियों से मुठ्ठियों को
      खोलना और बाँधना।

कोमल-कोमल होठों पर
      भावों की अंगड़ाईयाँ,
कभी-कभी रोना
             कभी मुस्कुराना।

आँचल का ओढ़ना
       गोद की बिछाईयाँ,
ममता की छाँव में
        नन्हा सा ललना।
               ----------------दिवाकर।
       ------हमारे प्यारे सुपुत्र के नाम
               //25/01/15

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