सुन्दर-सलोने मुखड़े पर
नन्ही-नन्ही अँखियाँ,
नन्ही-नन्ही अँखियों से
टुकूर-टुकूर ताकना।
छोटे-छोटे हाथों में
नन्ही-नन्ही उंगलियां,
उंगलियों से मुठ्ठियों को
खोलना और बाँधना।
कोमल-कोमल होठों पर
भावों की अंगड़ाईयाँ,
कभी-कभी रोना
कभी मुस्कुराना।
आँचल का ओढ़ना
गोद की बिछाईयाँ,
ममता की छाँव में
नन्हा सा ललना।
----------------दिवाकर।
------हमारे प्यारे सुपुत्र के नाम
//25/01/15
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