माँ,
तेरे आँचल की
छाँव में
कुछ चिढ़े हुए बच्चे भी हैं,
इतने चिढ़े हुए-
कि
इन्हें तेरे दुध से भी
चोट आती है-
तो-
ये थुकते हैं-
कीचड़-
जिसकी छिटें
तेरे दामन को भी छुती हैं,
तो भी उन्हें
कोई ग्लानि नहीं ।
--------------------------दिवाकर ।//15/03/16
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