अधूरा ही रहे ताजिन्दगी
मेरा प्यार तेरे नाम का,
प्यार करने का सलीका यह भी है।
प्यार में मरना बहुत आसान है,
प्यार में तन्हा भी जी ले जिन्दगी,
प्यार करने का सलीका यह भी है।
हर कदम हो हाथ उनका हाथ में- जरूरी नहीं,
याद थामे भी कदम कुछ नाप लें,
प्यार करने का सलीका यह भी है।
दास्तान है साथ मरने की बहुत
साथ जीने की बना ले दास्तान,
प्यार करने का सलीका यह भी है।
प्यार में बन जाया करते हैं महल,
आसमाँ का छत सजालें प्यार में,
प्यार करने का सलीका यह भी है।
प्यार को सबने बनाया है खुदा,
प्यार का इंसान बना लें गर जहाँ में
प्यार करने का सलीका यह- जरूरी है।
--------------------------------- दिवाकर ।१८/०९/१६
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