Sunday, 12 March 2017

मन-का


शर्त लगालो!
तुम मुझे गुमराह नहीं कर सकते।
हाँ,
जब भी मिलोगे मुझसे,
मैं तुम्हें आईना दिखाऊंगा,
और
तुम भी दिखाना
मुझेे आईना ।
"आईने के साथ मिलना"
मेरी शर्त है।

आईना निष्पक्ष होता है,
--क्या मेरा,
--क्या तूम्हारा !
         ------------- दिवाकर ।०१/०८/१६

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