मोहन के एक हाथ से बाँसुरी व दूसरे हाथ से मोर-मुकूट लेकर अपने लाडले को जन्माष्टमी के फैशन-शो के लिए तैयार कर विदा करते हुए मालकिन ने गौर नहीं किया- मोहन तो घर में ही छूट गये । ------------------------- दिवाकर ।२५/०८/१६
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