मैं खोया-खोया सा हूँ आजकल-
दिल में ही दिलवर का दिदार करता हूँ, आजकल - अपने दिल में ही बिहार करता हूँ ।
चाँद आसमान में नहीं है आजकल । --------------------दिवाकर ।०६/०८/१६
No comments:
Post a Comment