सारी राह मुझे दुनिया टेढ़ी-मेढ़ी नजर आई, सारी राह किसी ने भी नहीं गौर किया मेरा चश्मा। मैं चुप रहा कि मैं अजनबी ही रहा यहाँ , वे चुप रहे कि उनका यहीं रहा आशियाँ। ----------------------------------- दिवाकर । २१/०८/१६
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