हर एक ख्वाब अधूरा रह जाए....
तो रह जाए
ख्वाब को ख्वाब मानने का
ख्वाब तो पूरा हो जाए
वह जिन्दगी भर चेहरे पर
मलाल मल के चलता रहा
बंद पलकों के सामने जो अच्छा था
दिखता है वही बूरा तो बूरा हो जाए।
ख्वाब और जिन्दगी में
ख्वाब का फासला रहा
....................... दिवाकर।१०/१०/१६
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